अफ्रीका का बँटवारा और उपनिवेशवाद (Colonialism in Africa) [PART-II]

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अफ्रीका का बँटवारा और अफ्रीका में उपनिवेशवाद को पहले भाग में बेसिक स्तर से बताया गया है। यह दूसरा भाग साम्राज्यवादी लालच, युद्ध और प्रतिद्वंदिता के बाद अफ्रीका के बँटवारे को बताता है। PLEASE FOLLOW ON INSTAGRAM 👉️@mehra_ankita9 अफ्रीका का बँटवारा, लूट और सीधी रेखाएं बर्लिन सम्मलेन,1885 के प्रावधानों ने केवल आने वाले 15 वर्ष … Read more

अफ्रीका का बँटवारा और उपनिवेशवाद (Colonialism in Africa)[PART-I]

colonialism in Africa in Hindi

अफ्रीका का बँटवारा और अफ्रीका में उपनिवेशवाद (Colonialism in Africa) कहानी लालच और मानव भेदभाव को बताती है। जहाँ युरोपियन द्वारा अफ्रीका के संसाधनों की लूट के साथ साथ मानव व्यापर और रंगभेद की नीतियो ने पुरे विश्व इतिहास को प्रभावित किया था। PLEASE FOLLOW ON INSTAGRAM 👉️@mehra_ankita9 यहाँ के अश्वेत लोग जो सुदूर जंगलो … Read more

करेंसी स्वैप अरेंजमेंट (Currency Swap Arrangement) ?

करेंसी स्वैप अरेंजमेंट (Currency Swap Arrangement )

करेंसी स्वैप अरेंजमेंट (currency swap arrangement) शब्द का अर्थ है मुद्रा की अदला बदली या विनिमय। यह कोई दो देशों के बीच एक मुद्रा विनिमय पूर्व निर्धारित नियमों और शर्तों के साथ मुद्राओं का आदान-प्रदान करने के लिए एक समझौता या अनुबंध है। केंद्रीय बैंक और सरकारें अल्पकालिक विदेशी मुद्रा तरलता आवश्यकताओं को पूरा करने … Read more

आग्सबर्ग की संधि (Augsburg ki sandhi) और धार्मिक युद्धों का सीमित विराम

आग्सबर्ग की संधि (Augsburg ki sandhi) और धार्मिक युद्धों का सीमित विराम

आग्सबर्ग की संधि (Treaty of Augsburg) जर्मनी और यूरोप में धार्मिक युद्धों का विराम था जो मार्टिन लूथर के ईसाई धर्म में क्रन्तिकारी सुधारों की मांग की पराकाष्ठा थी। मार्टिन लूथर जो स्वयं एक पादरी था लेकिन उसने ईसाई धर्म में उस समय चल रहे आडम्बरों को अपने तर्कों से काट दिया था जिस कारण … Read more

अन्तर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण (IAEA kya hai) -FAQs

iaea kya hai

अन्तर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण (International Atomic Energy Agency – IAEA) एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय संस्था है जो वैश्विक रूप से नाभिकीय गतिविधियों पर नज़र रखती है ताकि विश्व में परमाणु तकनीक के सैन्य प्रसार को रोक सके और परमाणु ऊर्जा का शांतिपूर्ण उपयोग हो सके। वास्तव में इसका इतिहास शीत युद्ध के दौरान शुरू हुए परमाणु … Read more

अलाउद्दीन खिलजी [Alauddin Khilji]

अलाउद्दीन खिलजी, Alauddin Khilji

अलाउद्दीन खिलजी [Alauddin Khilji] दिल्ली सल्तनत में एक महान शासक था जिसने अपनी महत्वकांशाओ के चलते दक्षिण भारत तक अपना साम्राज्य फैला लिया था। खिलजी दिल्ली सल्तनत में भारतीय मुसलमान थे जो प्रसिद्ध खिलजी क्रांति से उभरे और काफी लम्बे समय तक भारतीय इतिहास पर छाए रहे PLEASE FOLLOW ON INSTAGRAM 👉️@mehra_ankita9 अलाउद्दीन खिलजी कौन … Read more

रामसर कन्वेंशन [Ramsar Convention]

रामसर कन्वेंशन ,Ramsar Convention

रामसर कन्वेंशन,1971(Ramsar Convention,1971) विश्वभर में फैली हुई नमभूमि (आर्द्रभूमि- Wetlands) और उससे सम्बद्ध जैवविविधता को संरक्षण करने का एक अंतर्राष्ट्रीय मिशन और प्रयास है। साथ साथ यह नमभूमि में विकास और सुधार की दिशा में भी काम करता है ताकि वैश्विक जैवविविधता का संरक्षण किया जा सके। PLEASE FOLLOW ON INSTAGRAM 👉️@mehra_ankita9 संक्षेप में रामसर … Read more

आमिर खुसरो [Amir Khusrau]

आमिर खुसरो ,Amir Khusrau

आमिर खुसरो (Amir Khusrau) मध्यकालीन भारत में एक ऐसे विशेष व्यक्तितव है जो अपनी शानदार कला और राजनीतिक कारणों से जाने जाते है। आमिर खुसरो मध्यकालीन भारत में संगीत, गायन, कविताओं, साहित्य और नवाचार और भक्ति के एक केंद्र बिंदु है। यह पेशे से कोई इतिहासकार या कलाकार नहीं थे फिर भी इनमे काफी ऐसे … Read more

महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत [continental drift theory]

continental drift theory, महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत [continental drift theory]

महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत (continental drift theory) भूगोल में एक महत्वपूर्ण थ्योरी है जिसके कारण पृथ्वी पर महासागर, महाद्वीप, कटक आदि की उत्पत्ति और उसकी संरचना के बारे में व्याख्या सफलतम रूप से की जाती रही है। PLEASE FOLLOW ON INSTAGRAM 👉️@mehra_ankita9 महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत किसने दिया ? महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत प्रतिपादन प्रसिद्ध जर्मन भूगोलवेत्ता व … Read more

1991 का भुगतान संतुलन का संकट [Balance of Payment Crisis]

Balance of Payment Crisis, BHUGTAN SANTULAN KA SANKAT

1991 का भुगतान संतुलन का संकट (Balance of Payment Crisis) भारत के लिए एक बड़ा खतरा था। भारत में कुछ दिनों का ही विदेशी रिज़र्व बचा था। ऐसे में अर्थव्यवस्था एक ऐसे मोड़ पर आ गयी थी जहाँ भारत को नए प्रयोग करने पड़े और अन्तराष्ट्रीय प्रणालियों से तालमेल बैठना पड़ा। ऐसा आर्थिक संकट भारत … Read more