किसी राज्य का राज्यपाल राज्य की कार्यपालिका का प्रमुख तथा उसका सर्वोच्च होता है। परन्तु राज्यपाल राष्ट्रपति की तरह एक नाममात्र का राज्य का प्रमुख होता है। दरअसल कार्यपालिका का असली या वास्तविक प्रमुख राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री होता है। फिर भी राजयपाल किसी राज्य के वास्तविक कार्यपालिका के कार्यो के लिए सर्वोच्च प्राधिकारी होता है जिसके नाम पर राज्य सरकार काम करती है। चलिए देखते है की राज्यपाल शक्तियाँ , भूमिका क्या क्या होती है ..

इसे निम्न प्रकार से समझाया गया है –

राज्यपाल का कार्यकाल कितना होता है ?

5 वर्ष

संविधान के अनुच्छेद 156 के अनुसार राज्यपाल का कार्यकाल सामान्य रूप से 5 वर्ष और राष्ट्रपति के प्रसाद पर्यन्ततक होता है। परन्तु इससे पहले भी इसे हटाया या ट्रांसफर किया जा सकता है।

राज्य सरकार को भंग कौन कर सकता है ?

अमूमन राष्ट्रपति ही राज्यपाल की सिफारिशों पर राज्य सरकार को भंग कर सकता है।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174 (2) (बी) में केवल यह कहा गया है कि राज्यपाल समय-समय पर विधान सभा को भंग कर सकता है, लेकिन संविधान चुप है कि वह कब और किन परिस्थितियों में सदन को भंग करेगा।

केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में ही सदन का शीघ्र विघटन आवश्यक है। वे हैं

  • जब मुख्यमंत्री, जिसे बहुमत का समर्थन प्राप्त है, राज्यपाल को विधान सभा भंग करने की सलाह देता है,
  • दलबदल के कारण, सत्तारूढ़ दल अल्पसंख्यक हो जाता है,
    • कोई अन्य दल या पार्टियों का गठबंधन करने की स्थिति में नहीं है सरकार बनाने और
  • राज्यपाल द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर कि राज्य की संवैधानिक मशीनरी विफल हो गई है, राष्ट्रपति केंद्रीय मंत्रिमंडल की सिफारिश पर विधान सभा को भंग कर सकते हैं।

राज्य की कार्यपालिका की शक्ति किसमें निहित होती है ?

किसी राज्य का राज्यपाल राज्य की कार्यपालिका का प्रमुख तथा उसका सर्वोच्च होता है।

राज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है ?

राष्ट्रपति केंद्र सरकार के परामर्श के बाद राष्ट्रपति की नियुक्ति कर सकता है। इसमें प्रमुख यह है की राज्यपाल की नियुक्ति में वास्तविक रूप में या परदे के पीछे केंद्र सरकार होती है जबकि उसकी नियुक्ति राष्ट्रपति करता है।

क्या राज्यपाल को हटाने की प्रक्रिया संविधान में मौजूद है ?

राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यन्त रहता है। जिसका मतलब है की राष्ट्रपति की इच्छा पर उसका कार्यकाल निर्भर है। परन्तु राज्यपाल को हटाने की क्या प्रक्रिया होगी , इसका संविधान में बात नहीं की गयी है।

राज्यपाल का वेतन-भत्ता कौन देता है ?

चूँकि राज्यपाल किसी राज्य का संविधानिक प्रमुख है इसलिए इसका वेतन भत्ता वह राज्य अपने ” राज्य की संचित निधि ” से देता है जब तक की राज्यपाल अपने पद पर कार्यरत है।

राज्य सरकार का संवैधानिक प्रमुख कौन होता है ?

राज्यपाल

राज्यपाल राष्ट्रपति की तरह एक नाममात्र या संवैधानिक का राज्य का प्रमुख होता है। दरअसल कार्यपालिका का असली या वास्तविक प्रमुख राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री होता है।

राज्यपाल अपना त्यागपत्र किसे देता है ?

राष्ट्रपति को, यह ध्यान रहना चाहिए की राष्ट्रपति राज्यपाल की नियुक्ति भी करता है और उसको पद से हटाता भी है।

राष्ट्रपति शासन में राज्य का संचालन कौन करता है ?

राज्यपाल

कब और क्यों लगाया जाता है राष्ट्रपति शासन ?

जब राज्यपाल की रिपोर्ट से राष्ट्रपति सहमत हो – संविधान के अनुच्छेद 356 के अनुसार राष्ट्रपति किसी भी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा सकते हैं यदि वे इस बात से संतुष्ट हों कि राज्य सरकार संवैधानिक रूप से काम नहीं कर रही है. ऐसा जरूरी नहीं है कि राष्ट्रपति उस राज्य के राज्यपाल की रिपोर्ट के आधार पर ही यह फैसला लें. यह अनुच्छेद एक साधन है जो केंद्र सरकार को किसी नागरिक अशांति जैसे कि दंगे जिनसे निपटने में राज्य सरकार विफल रही हो की दशा में किसी राज्य सरकार पर अपना अधिकार स्थापित करने में सक्षम बनाता है. संविधान में इस बात का भी उल्लेख है कि राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के दो महीनों के अंदर संसद के दोनों सदनों द्वारा इसका अनुमोदन किया जाना जरूरी है. यदि इस बीच लोकसभा भंग हो जाती है तो इसका राज्यसभा द्वारा अनुमोदन किए जाने के बाद नई लोकसभा द्वारा अपने गठन के एक महीने के भीतर अनुमोदन किया जाना जरूरी है

जब सदन में किसी पार्टी का बहुमत न हो – जब किसी सदन में किसी पार्टी या गठबंधन के पास स्पष्ट बहुमत ना हो . राज्यपाल सदन को 6 महीने की अवधि के लिए ‘निलंबित अवस्था’ में रख सकते हैं. 6 महीने के बाद, यदि फिर कोई स्पष्ट बहुमत प्राप्त ना हो तो उस दशा में पुन: चुनाव आयोजित किए जाते हैं.

राष्ट्रपति शासन की अवधि क्या है ?

यदि संसद के दोनों सदनों द्वारा राष्ट्रपति शासन का अनुमोदन कर दिया जाता है तो राष्ट्रपति शासन 6 माह तक चलता रहेगा. इस प्रकार 6-6 माह कर इसे 3 वर्ष तक आगे बढ़ाया जा सकता है.

क्या राज्यपाल अपना पूरा कार्यकाल 5 वर्ष तक करता है ?

राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति अपने प्रसादप्रर्यन्त तक करता है अर्थात राज्यपाल को 5 वर्षों से पहले भी हटाया जा सकता है।

राज्यपाल पद हेतु न्यूनतम आयु कितनी होती है ?

35 वर्ष

राज्यपाल विधानसभा में कितने आंग्ल-भारतीयों की नियुक्ति कर सकता है ?

राज्यपाल सदन में केवल एक एंग्लो इंडियन व्यक्ति की नियुक्ति कर सकता है यदि उसको लगे की इस समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं है। वही राष्ट्रपति दो एंग्लो इंडियन की नियुक्ति कर सकता है।

किसकी अनुमति के बिना राज्य की विधानसभा में कोई धन विधेयक पास नहीं होता है ?

राज्यपाल

क्या राज्यपाल किसी का मृत्युदण्ड माफ़ कर सकता है जैसा राष्ट्रपति कर सकता है ?

नहीं , अनुच्छेद 161 के अनुसार राज्यपाल को क्षमा प्रदान करने की शक्ति है लेकिन मृत्यु दंड को माफ करने का अधिकार नहीं है। मतलब राज्यपाल मृत्युदण्ड को छोड़कर किसी भी प्रकार की सज़ा को माफ़ कर सकता है। यही राष्ट्रपति और राज्यपाल में अंतर भी है।

राज्यपाल द्वारा जारी किया गया अध्यादेश किसके द्वारा मंजूर किया जाता है ?

विधानमंडल द्वारा इसे मजूर किया जाना होता है । संविधान के अनुच्छेद 213 के अन्तर्गत राज्यपाल की अध्यादेश जारी करने की शक्ति दी गयी है।

राज्य सरकार को कौन भंग कर सकता है ?

राज्यपाल

राज्यपाल की मुख्य भूमिका क्या है ?

राज्यपाल केंद्र और राज्य बीच एक सेतु का कार्य करता है ताकि दोनों स्तरों पर संवाद और प्रकिया बनी रहे। राज्यपाल संघवाद के रूप में संविधान के द्वारा एक स्थापित कड़ी है।

राज्य के मुख्यमंत्री की नियुक्ति कौन करता है ?

संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत मुख्यमंत्री की नियुक्ति करता है।

किसी राज्य के राज्यपाल को शपथ ग्रहण कौन कराता है ?

उस राज्य का मुख्य न्यायाधीश

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सरोजनी नायडू

राज्यपाल सोने के पिंजरे में निवास करने वाली चिड़िया के समान है’ ये शब्द किसके हैं ?

सरोजनी नायडू

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उत्तर प्रदेश


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