इस वीडिओ में आप असम , पश्चिमी घाट व भारत के अन्य भागो में चल रही विकास परियोजनाओं से हो रहे पर्यावरण नुकसान के बारे में बताया गया है।

असम में तिनसुकिया, डिब्रूगढ़ और शिवसागर जिलों के बीच स्थित देहिंग पटकली हाथी संरक्षित वन क्षेत्र के घने जंगलों को ‘पूर्वी अमेज़ॅन’ कहा जाता है। यह 575 वर्ग किलोमीटर का जंगल 30 अद्वितीय तितली प्रजातियों, सैकड़ों आर्किड प्रजातियों और सैकड़ों वन्यजीवों और पेड़ प्रजातियों के लिए एक अद्वितीय जैव विविधता संरक्षण स्थल है। लेकिन अब वनस्पति अधिक समय तक यहां नहीं रहेगी। इसका कारण यह है कि सरकार ने इस जंगल के 98.59 हेक्टेयर क्षेत्र में कोल इंडिया लिमिटेड से कोयले की निकासी को मंजूरी दे दी गई है जिसके गंभीर पर्यावरणीय परिणाम होंगे..

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