संयुक्त अरब इमारात (यूएई) के परमाणु ऊर्जा विभाग (ईएनईसी) ने कहा है कि अरब जगत के पहले परमाणु ऊर्जा संयंत्र की पहली इकाई ने काम करना शुरू कर दिया है। प्रमुख तेल उत्पादक देशों में से एक यूएई की राजधानी अबू-धाबी के पश्चिम में फ़ार्स खाड़ी के तट पर स्थित बरकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र को 2017 से काम शुरू करना था, लेकिन इसके उद्घाटन में कई बार देरी हुई।

कोरिया इलेक्ट्रिक पॉवर कॉरपोरेशन (केईपीसीओ) द्वारा तामीर किया जाने वाला अरब जगत का यह पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र है, जिसने काम करना शुरू कर दिया है। परियोजना के पूरा होने पर, बरकाह में 5,600 मेगावाट क्षमता वाले चार रिएक्टर होंगे।

बरकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र

फ़ारस खाड़ी के अरब देशों में यह पहला परमाणु संयंत्र है। दुनिया में सबसे अधिक तेल निर्यात करने वाले देश सऊदी अरब ने कहा है कि वह 16 परमाणु रिएक्टर बनाने की योजना बना रहा है, हालांकि अभी तक इस परियोजना पर अमल किया जाना बाक़ी है।

यूएई के पास पर्याप्त तेल और गैस भंडार हैं, लेकिन एक करोड़ की आबादी वाले इस अरब देश ने सौर ऊर्जा सहित स्वच्छ ऊर्जा के विकल्पों के विकास पर भारी निवेश किया है। बाराकाह संयंत्र सऊदी अरब की सीमा पर है और यह अबू धाबी की तुलना में कतर की राजधानी के ज्यादा करीब है। संयंत्र वाला इलाका अमीरात के तट पर है, जो ईरान से भी लगता है। ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच फिलहाल तनाव बढ़ा हुआ है। खासतौर पर ईरान पर अमेरिका के दबाव बढ़ाने के बाद।

सऊदी अरब के तेल संयंत्र पर मिसाइल से हमला भी हुआ था जिसकी जिम्मेदारी यमन के हूथी विद्रोहियों ने ली लेकिन अमेरिका ईरान की ओर उंगली उठाता है। अमेरिका और ईरान के बढ़ते तनाव के बीच इलाके के ऊर्जा संयंत्रो पर ईरान के हमले की आशंका मंडरा रही है, हालांकि यूएई ने संयंत्र के कारण किसी भी तरह की सुरक्षा चिंता को खारिज किया है।