क्यों खतरें में है पैंगोलिन का अस्तित्व ? [ About pangolins ]

पैंगोलिन ( about pangolins) ऐसा जानवर है जिसकी दुनिया में सबसे अधिक तस्‍करी होती है। पैंगोलिन के मांस को चीन और वियतनाम समेत कुछ दूसरे देशों में बेहद चाव से खाया जाता है, इसका दूसरा उपयोग दवाओं के निर्माण में भी होता है। खासतौर पर चीन की पारंपरिक दवाओं के निर्माण में इसका ज्‍यादा इस्‍तेमाल होता है। बीते एक दशक के दौरान दस लाख से अधिक पैंगोलिन की तस्‍करी की जा चुकी है।

यही वजह है कि ये दुनिया का सबसे अधिक तस्‍करी किए जाने वाला जानवर बन गया है। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजरवेशन ऑफ नेचर के मुताबिक दुनियाभर के वन्‍य जीवों की अवैध तस्‍करी में अकेले 20 फीसद का योगदान पैंगोलिन का ही है। चीन और वियतनाम में इसका मांस खाना अमीर होने की निशानी है।

पैंगोलिन के बारे में

पैंगोलिन का जीवन चींटी खाकर गुजरता है। यह पृथ्‍वी पर स्तनधारी और सांप-छिपकली जैसे जानवरों के बीच की कड़ी है। ये एशिया और अफ्रीका के कई देशों में पाए जाते हैं। इनकी खाल के ऊपर ब्लेडनुमा प्लेट्स की एक परत होती है। ये इतनी मजबूत होती है कि इस पर शेर जैसे जानवर के दांतों का भी असर नहीं होता है

पैंगोलिन को कभी-कभी सरीसृप (reptiles) समझ लिया जाता है, लेकिन वे वास्तव में पपड़ीदार चमड़ी वाले स्तनधारी होते हैं। खतरे में होने पर, पैंगोलिन एक गेंद में बन कर लुढ़क सकता है, इस प्राणी के बारे में बहुत कम जानकारी है, इसलिए जंगली आबादी के आकार का अनुमान लगाना मुश्किल है।

पंगोलिन्स खतरों में क्यों है

पैंगोलिन मांस और चमड़ी की मांग जनसंख्या में गिरावट माना जाता है। इसकी तस्करी भी बड़े पैमाने पर की जा रही है। जिसके कारण उनकी जनसंख्या में भारी कमी आयी है।

खबरों में क्यों है पैंगोलिन

चीन ने पैंगोलिन के संरक्षण के स्तर को बढ़ा दिया है। उसने इस प्राणी को प्रथम श्रेणी के संरक्षित जानवरों में शामिल कर दिया है। इस श्रेणी में पांडा जैसे उन जानवरों को रखा गया है, जो विलुप्त होने के कगार पर है। यह माना गया कि पैंगोलिन से ही कोरोना वायरस इंसानों में पहुंचा।

Save Pangolins

चीन ने पैंगोलिन की सभी प्रजातियों की द्वितीय श्रेणी को बढ़ाकर प्रथम कर दिया। प्रथम श्रेणी में संरक्षित जानवरों को रखा जाता है। इनके शिकार पर प्रतिबंध होता है। चीन में पैंगोलिन के मांस का भी सेवन किया जाता है। पारंपरिक चीनी दवाओं में भी आमतौर पर इस स्तनधारी प्राणी का इस्तेमाल होता है। इसके चलते बड़े पैमाने पर पैंगोलिन का शिकार किया जाता है।

कोरोना के शुरुआती दौर में संदेह जताया गया था कि सांप और चमगादड़ खाने से यह खतरनाक वायरस फैला। बाद में चीनी वैज्ञानिकों ने माना था कि पैंगोलिन भी कोरोना वायरस का वाहक हो सकता है। यह भी संदेह जताया जाता है कि चीन के वुहान शहर के सीफूड मार्केट से कोरोना वायरस का प्रसार हुआ था।

पैंगोलिन के बारे में विशेष तथ्य (About pangolins)

पैंगोलिन नाम कहां से आया?

पैंगोलिन मलय शब्द “पंगुलिन” से बना है। खुद को रोल या बॉल (roll or ball )बनाना है, जो रोल करने की उनकी क्षमता का वर्णन करता है।

पैंगोलिन कहाँ पाया जाता है?

पेंगोलिन्स मुख्य रूप से एशिया और अफ्रीका में मिलता है।

क्या पैंगोलिन खतरनाक होते है ?

नहीं, पंगोलिन्स खतरनाक नहीं है परन्तु यदि उन्हें खतरा महसूस हो तो वह या तो अपने सख्त खोल में खुद को बॉल बना लेता है या अपने मुँह से हमला भी कर सकता है।

पैंगोलिन कितनी तेजी से दौड़ सकता है?

पैंगोलिन चारों तरफ से चल सकते हैं, लेकिन गति के लिए वे अपनी लंबी पूंछ का सहारा लेकर दो पैरों पर खड़े हो जाते हैं। ये लगभग 5 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ते हैं।

क्या पैंगोलिन बुलेटप्रूफ हैं?

पूरी तरह से बुलेटप्रूफ नहीं है, पैंगोलिन के सख्त खोल इसे उन वस्तुओं से बचाने में मदद कर सकते हैं जो उसके शरीर को छेद सकती हैं।

About the author

Ankita is German Scholar and UPSC Civil Services exams aspirant. She is a blogger too. you can connect her to Instagram or other social Platform.


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